August 27, 2011

सुबह : एक नयी शुरुआत

हर सुबह कुछ तो कहती है,
अँधेरों के साए से निकलकर,
सूरज की रोशनी से सराबोर होती है,
जरुरत है इसे समझने की दोस्तों,
जीने का नया आयाम देती है,

सपनों की दुनियाँ से
बाहर निकलकर,
हकीकत की चादर में
हमको लिपटकर,

कुछ नया करने की ख्वाहिश
लेकर आती है ये सुबह,
है इसे समझने की दोस्तो,
जीने का नया आयाम देती है.

कदम बढ़ता  है,
कदम को बढ़ाने से,
राह मिलती है,
राह को तलाशने  से,
सफल होता है  वही,
जो घबराता नहीं,
दुःख-दर्द के तुफानो से,

कुछ ऐसा ही पैगाम लेकर,
आती है सुबह,
जरुरत है इसे समझने की दोस्तों,
जीने का नया आयाम देती है,

                                - पूर्वा कुमारी

      

3 comments:

  1. tumhari kuch nayi nayi pratibhai mujhe ab 4 saal baad dikhai de rahi h, ab tak tum kaha chuppa ke rakha hua tha beta ji,,,,,,,,
    good keep it up, may god bless u..........

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  2. ye mera comment hai ji..........

    tumhari kuch nayi nayi pratibhai mujhe ab 4 saal baad dikhai de rahi h, ab tak tum kaha chuppa ke rakha hua tha beta ji,,,,,,,,
    good keep it up, may god bless u..........

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  3. nice lagta nahi h tum itna accha aur itne ahsas k sath man ki baatein kahne lagi ho lve u n miss u tc. keep it up

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