August 27, 2011

सुबह : एक नयी शुरुआत

हर सुबह कुछ तो कहती है,
अँधेरों के साए से निकलकर,
सूरज की रोशनी से सराबोर होती है,
जरुरत है इसे समझने की दोस्तों,
जीने का नया आयाम देती है,

सपनों की दुनियाँ से
बाहर निकलकर,
हकीकत की चादर में
हमको लिपटकर,

कुछ नया करने की ख्वाहिश
लेकर आती है ये सुबह,
है इसे समझने की दोस्तो,
जीने का नया आयाम देती है.

कदम बढ़ता  है,
कदम को बढ़ाने से,
राह मिलती है,
राह को तलाशने  से,
सफल होता है  वही,
जो घबराता नहीं,
दुःख-दर्द के तुफानो से,

कुछ ऐसा ही पैगाम लेकर,
आती है सुबह,
जरुरत है इसे समझने की दोस्तों,
जीने का नया आयाम देती है,

                                - पूर्वा कुमारी

      

August 26, 2011

जिंदगी...

सभी कहते है यहाँ,
ज़िन्दगी से वफ़ा कैसे करें
आँखों में आंसू,
गम के साए में घिरे ,

ज़िन्दगी क्या है,
है तो बस यूँ ही,
जैसे तैसे कट रही,
तन्हाइयों को समेटे हुए,

मंजिल के तलाश में,
कोई भटके यहाँ कोई भटके वहाँ  
भटकते ही रह जाते हैं,
जो सही मंजिल न मिले,

जिनके बारे में  हम इतना सोचे,
वो तो कुछ समझे ही नही,
तड़प कर हम रह जाते हैं  
यादों को संजोये हुए,

ज़िन्दगी क्या है,
ज़िन्दगी एक सच है,
जो कोई समझे यहाँ,
सच्चाई का सामना करे,
ज़िन्दगी से वही वफ़ा करे.

                       -पूर्वा कुमारी