हर सुबह कुछ तो कहती है,
अँधेरों के साए से निकलकर,
सूरज की रोशनी से सराबोर होती है,
जीने का नया आयाम देती है,
सपनों की दुनियाँ से
बाहर निकलकर,
हकीकत की चादर में
हमको लिपटकर,
कुछ नया करने की ख्वाहिश
लेकर आती है ये सुबह,
है इसे समझने की दोस्तो,
जीने का नया आयाम देती है.
सपनों की दुनियाँ से
बाहर निकलकर,
हकीकत की चादर में
हमको लिपटकर,
कुछ नया करने की ख्वाहिश
लेकर आती है ये सुबह,
है इसे समझने की दोस्तो,
जीने का नया आयाम देती है.
कदम बढ़ता है,
कदम को बढ़ाने से,
राह मिलती है,
राह को तलाशने से,
सफल होता है वही,
जो घबराता नहीं,
जो घबराता नहीं,
दुःख-दर्द के तुफानो से,
कुछ ऐसा ही पैगाम लेकर,
आती है सुबह,
जरुरत है इसे समझने की दोस्तों,
जीने का नया आयाम देती है,
- पूर्वा कुमारी

